बढ़े चलो
बढ़े चलो , बढ़े चलो
बढ़े चलो , बढ़े चलो
रुको न तुम , झुको न तुम
अटल रहो , अटल रहो
आंधी में , तूफान में
अडिग रहो अडिग रहो
बस चले चलो , चले चलो।
सागर भी तुम्हे रास्ता देगा
पर्वत झुककर सलाम करेगा
यदि तुम चलो , रुको न तुम
झुको न तुम , सदा चलो
चले चलो , बढ़े चलो।
जिंदगी के कठिन पथ में
फूल मिलेंगे , काटें भी मिलेंगे
पर्वत मिलेंगे , सागर भी मिलेंगे
पर तुम उनकी परवाह न करना
लांघकर उन्हें , चलना है तुम्हें
बस यही बात याद तुम रखना
चले चलो , बढ़े चलो।
आंधी होगा तूफान भी होगा
मुश्किलें होंगी , दर्द भी होगा
पर तुम घबराकर रुक न जाना
पर तुम उनसे हार न मानना
डरो न तुम , भागो न तुम
बस तुम लड़ते ही रहना।
मुश्किलों का करो सामना
याद रहे कदम पीछे न खींचना
बस सदा चलते हीं रहना
निडर बनो अटल बनो।
साहस करो और आगे बढो
जीत लो दुनियां
हारना तुमने सीखा ही नहीं
बस जीतते ही रहो , जीतते ही रहो।
जीवन में खुशियां होंगी गम भी होगा
सुख भी होगा दुःख भी होगा
वक्त बुरे और अच्छे भी होंगे
लेकिन सदा तुम धैर्य रखना
कभी न डिगना , कभी न रुकना
कभी न झुकना , सदा चलते हीं रहना।
चले चलो , बढ़े चलो
बढ़े चलो , बढ़े चलो।
मंजिल पाना है नहीं आसान
फिर भी कुछ नहीं है असंभव
करते रहो तुम सदा प्रयास
एक दिन मंजिल होगी पास
कहीं तुम रुक न जाना
मंजिल पाने से पहले
करो तुम निश्चय
चलो काटों भरे पथ पर
कर लो प्राप्त लक्ष्य को
और जीत लो सबको।
मत घबराना असफलता से
ये निशानी हैं सफलता की
बस सिख लेकर इनसे
सदा तुम अविराम चलो
तोड़ दो बेड़ियाँ , हरा दो बाधाओं को
मत करो कष्टों की परवाह
झुका दो सबको परिश्रम से अपने
और बस चलते ही रहना।
रुको न तुम झुको न तुम
अडिग रहो अटल रहो
सदा चलो बढ़े चलो
चले चलो बढ़े चलो
बढ़े चलो , बढ़े चलो
बढ़े चलो , बढ़े चलो।
© Tukbook
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