मेरी खुशी तुमसे
आज मैं बहुत खुश हूँ
मैं बहुत खुश हुआ
जब उसने कहा की
उसे वापस नहीं जाना
उसे अब यहीं रहना है
मेरी ख़ुशी का ठिकाना न रहा
जब उसने ये बात कही
वो भी खुश होते हुए
प्यार से मुस्कुराते हुए
ये ख़ुशी है उसका साथ पाने की
कुछ और दिन उसके साथ बिताने की
मन हर्षित हो रहा है मेरा
सोच-सोच कर उसकी बातें
वो ग़मों के दर्द भरे दिन
वो खुशियों की सुहानी रातें
जब वो गई थी पिछली बार
करता रहा उसे मैं याद कई बार
आये कई बार आँशू मेरी आँखों में
न जाने क्या जादू था उसकी उन बातों में
बिना उसके सबकुछ सूना-सा लगता था
अकेलेपन में बस खोया-सा रहता था
पर आज मैं बहुत खुश हूँ
ऐसा लग रहा है जैसे सारा जहाँ मेरा है
जिसमें सिर्फ और सिर्फ
खुशियों का ही बसेरा है।
© Tukbook
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें
पूरा पढ़ लिया आपने ? हमें बताएं कि यह आपको कैसा लगा ?