सिर्फ तुम हो

न करता मैं बात किसी और से
बातों के लिए तो
सिर्फ तुम हो।
न देखूं मैं किसी और का चेहरा
मेरी आँखे जिसे देखे वो
सिर्फ तुम हो।
न करता मैं याद किसी को भी
मेरे ख्यालों में भी
सिर्फ तुम हो।
न चाहता मैं किसी को भी
मेरी चाहतों के लिए तो
सिर्फ तुम हो।
न है कोई दिल में मेरे
दिल के आशियाने में भी
सिर्फ तुम हो।
न भाया मेरे दिल को कोई भी
मेरी आँखों को जो अच्छा लगा वो
सिर्फ तुम हो।
न हो पाएगा मुझसे प्यार किसी को भी
मेरे प्यार के काबिल तो
सिर्फ तुम हो।
© Tukbook
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