है क्यों तुझसे प्यार इतना

मैं तुझको न भुला पाउँगा
दोस्त बनके तेरा न जी पाउँगा
प्यार तो मैंने है किया तुमसे
अकेला हीं इसे निभाउंगा।
चाहे जो भी हो जाये
तुमसे अब कुछ भी न कह पाउँगा
जैसे हूँ मैं जी रहा
वैसे हीं तेरे बिन जिए जाऊंगा।
है क्यों तुझसे प्यार इतना
क्यों रहता है मेरा दिल बेक़रार इतना।
खुश रहना तू हमेंशा
रब से यही दुआ मांगूंगा
चाहे तू रहे कहीं भी
तुझे अपने दिल से न निकल पाउँगा।
तू है तो सबकुछ है हंसीं
तेरे बिन लगता नहीं ये दिल कहीं
मैंने किये हैं जो तुझसे वादे
वो मरते दम तक निभाउंगा।
है क्यों तुझसे प्यार इतना
क्यों रहता है मेरा दिल बेक़रार इतना।
तू कितना भी रूठ जाये मुझसे
मैं हर बार तुझे मनाऊंगा
तू करना न फ़िक्र मेरी
मैं अपने दिल को हीं समझाऊंगा।
तुझमें मैं कहीं भी नहीं
मैं तुझको खुद में समाऊंगा
तुझसे है प्यार इतना मुझे
फिर भी तुझे अब याद न आऊंगा।
है क्यों तुझसे प्यार इतना
क्यों रहता है मेरा दिल बेक़रार इतना।
© Tukbook
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