आत्मनिर्भर बन

आत्मनिर्भर बन 
man in black vest and black dress pants standing beside white wooden door

अपनी जिंदगी की किताब 
तू खुद हीं लिख 
लिख तू अपने हिस्से के सुख-दुःख 
न कर तू खुदा की मर्ज़ी का इंतज़ार 

समय आ गया है अब 
तू आत्मनिर्भर बन। 

अपने हिस्से के कर्म 
तू करता चल 
बोझ अपने जीवन के 
तू खुद हीं उठा 
न कर तू किसी और के
 मदद की आस 

समय आ गया है अब 
तू आत्मनिर्भर बन। 

न आएगा कोई भी 
तेरी मदद की खातिर 
करेगा न कोई तेरा भला 
बढ़ा आगे वही 
जो है अकेला चला 

समय आ गया है अब 
तू आत्मनिर्भर बन। 

अपने हिस्से की रोटी 
तू खुद ही कमा 
तिनका-तिनका कर 
तू अपना घर बना 
न देगा कोई भी तेरा साथ 

समय आ गया है अब 
तू आत्मनिर्भर बन। 

© Tukbook

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