किसी मोड़ पर शायद
कभी किसी मोड़ पर शायद🤔
हम कभी मिल सकें मगर शायद🤔
जान पहचान से ही क्या होगा
फिर भी ऐ दोस्त ग़ौर कर शायद🤔
अजनबीयत की धुंध छंट जाए
चमक उठे तेरी नज़र शायद🤔
जिंदगी भर आंसू रुलाएगी
यादे -याराने-बेख़बर शायद🤔
जो भी बिछड़े हैं कब मिले हैं "एज़ाज़"
फिर भी तू इन्तज़ार कर शायद🤔
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