वापसी




मै गुम था कहीं इन विरानियो में
पर लौट आया हूं मेरे दोस्त
अब मेरे लब्ज़ इक इक राज खोलेगी
तुम चुप ही रहो अपने रकीब के साथ
अब बेधड़क मेरी कलम बोलेगी

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