संदेश

अब वो कैसी होगी...

मैं अब कैसा लगता हूँ

धुंधली यादों में वो जाम

प्यार भरा तमाचा

जन्मदिन मुबारक़ (Happy Birthday)

मुझ सा इश्क़

खुदा की अमानत है बेटियाँ...

कुछ यादें....

दिल-ऐ-थकन

तुम तो ऐसे ना थे

घर परिवार और समाज...

न आऊंगा दोबारा

ये आखिरी है ज़िन्दगी

यारा ओ यारा

निर्गुण - सत्य

प्रकृति की बात कोरोना के साथ

हो ऐसी मेरी महबूबा

सावन सूना रह गया

सनातनी

ऐसी लड़की चाहिए

महीने बारह साल के

रूठना महबूब का

कशिश नज़्म के लहजे से

भूली-बिसरी यादें

बखोटन भाग -5